28 मार्च को होली दहन के समय कुछ क्रियाए करने से हमारे जीवन मे आने वाली समस्याओ से मुक्ति पाई जा सकती है ओर जीवन सरल बन जाता है | यह सब हमारे तंत्र मंत्र यंत्र शास्त्रो मे भी वर्णित है |

01- अगर आपके घर में झगडे ज्यादा होते है और कलेश हर समय बना रहता है तो होली जलने के बाद की राख को एक कटोरी में ले आये और अपने घर के किसी ऐसे स्थान में किसी पोलीथिन पाउच में बंद करके रख दे जहा वह सेफ और सुरक्षित रहे और फिर जब चैत्री नवरात्र आये तो प्रतिपदा को उस दिन इसको बहते पानी में विसर्जन कर दे और अपने घर में देवी माता के पूजन करे और कुलदेवी माता के जाप रोजाना सुबह शाम दो दो माला करे |

02- पूजा में काम आने वाला पानी भरा नारियल लेकर उसको अपने घर में हर कौने में घुमाकर कपूर, लोग, गुड की रेवड़ी और चटख लाल रंग की थोड़ी गुलाल के साथ होलिका में दहन कर दे | घर में घुमाते समय यह मन में ह मन में दोहराए की आपके घर से कलेश, दरिद्रता, रोग, सभी प्रकार के बंधन इस नारियल के साथ ही होलिका में दहन हो जाये |

03- होलिका पूजन करने के लिए आप हड़बड़ी बिलकुल न करे और शांति से और पूरी श्रद्धा से हाथ में अगरबत्ती, कपूर और लाल गुलाल लेकर प्राथना करे और प्रहलाद की तरह भक्ति सेवा की शक्ति प्रदान करे और जीवन में आ रही बाधाओं और परेशानियों से मुक्ति प्रदान करे |

04- होली की शाम को गुड और घी की लापसी बनाए उसम नारियल की गिरी के छोटे छोटे टुकड़े, किसमिस, काजू और ऊपर कुछ गुलाब के फूल की पत्तिया लगाकर होलिका दहन के समय अग्नि को भोग लगाकर वह लापसी वही लोगो में बाँट दे अगर आप यह प्रयोग करते है तो आपको एक बात का ध्यान रखना पड़ेगा की यही लापसी का भोग आपके घर के दिवंगत पूर्वजो को भी लगाना है और सबसे आशीर्वाद देने की प्रार्थना करना है |

05- एक उपाय बहुत परफेक्ट है जो थोडा कठिन है लेकिन अगर चाहे तो आप कर सकते है | एक चांदी की चौकी ले जो कठोर हो उसको केसर से पूजन करे और उस पर चांदी का बर्क लगाए फिर उसको क्कुम्कुम से पूजन करके होलिका दहन की जगह ले जाए और मुट्ठी में बनद करके होलिका के चकर लगाते जाए और लक्ष्मी जी से प्रार्थना करते हुए उनके किसी भी मंत्र का जाप करते रहे जब तक आप मंत्र को अठाईस बार नहीं बोल लेते अब तक चाक्कर लगते रहे और फिर उसको लेकर घर आ जाए और मध्यरात्रि ठीक बारह बजकर दो तीन सेकिंड ऊपर निकल जाए तब अपनी तिजोरी में रख देना है | फिर नित्य धुप दीप अगरबत्ती से पूजन करे |

 

06- यदि आप पर किसी प्रकार का कोई कर्ज है, तो होली की रात्ति में यह उपाय करके कर्ज से मुक्ति पा सकते हैं । जिस स्थान पर होली जलनी हो, उस स्थान पर गुलाल से पूजन करे गुलाल से त्रिकोण बनाए और उस त्रिकोण को गुलाल से पूरा भर दे और जिससे कर्जा लिया है उसका नाम अपने हाथ की सबसे बड़ी ऊँगली से लिखे और प्रार्थना करे की इनका कर्ज से जल्दी मुक्त हो जाऊ | जब होली जले तब आप पान के पत्ते पर ३ बतासे, घी में डुबोया एक जोड़ा लौंग, तीन बड़ी इलायची, थोड़े-से काले तिल व गुड़ की एक डली रखकर तथा सिन्दूर छिड़ककर पान के पत्ते से ढक दें |

 

07- अब सात परिक्रमा करते हुए प्रत्येक बार निम्न मंत्र का जप करके एक-एक लौंग, तील होलिका में डालतेजाएं -ॐ णमो वासुदेवाय अमुक कर्ज विनश्यते फट् स्वाहा” यहां अमुक के स्थान पर कर्जदार का नाम लें । परिक्रमा करने के बाद प्रणाम करके सब सामान होम कर दे और वापस आ जाएं । सुबह जल्दी उठकर होलिका का थोडा सा राख लेकर बहते हुए पानी में विसर्जन करके आ जाये |

08- यदि किसी ने आपके व्यवसाय अथवा निवास पर कोई तंत्र क्रिया करवा रखी है तो होलिका दहन मे एक् श्रीफल कों अपने व्यवसाय स्थान के अंदर चारों ओर घुमाकर होम कर दे | जिस समय श्रीफल कों स्थान पर घुमाया जा रहा हों उस समय यह बोले….. ओम घंटाकर्ण सर्व विघ्न, बंधन, द्रष्टिदोष, बैठते, उठते, खाते पीते, समान खरीदते, समान बेचते, रूपया लेते, रूपया देते, किसी अड़ोसी ने किसी पडोसी ने, किसी ग्राहक ने किसी अपने ने किसी पराये ने नज़र दोष लगाया हों किसी ने कोई मैली किर्या की हों, किसी ने व्यापार बंधन किया हों या कोई देवदोष हुवा हों तो मम स्थानं रक्षाम कुरुः कुरुः इस् श्रीफल के साथ ही होलिका मे दहन हों दहन हों दहन हों | इतना आपको कर देना है- ओर फिर घर आकर शांति से अपने परिवार के साथ बैठकर होली आदि त्योहार का आनंद ले|