वास्तु घर की उस व्यवस्था का नाम है जिसके कारन घर में रहने वालो को उन्नति तरक्की वंश वृद्धि और प्रतिष्ठा प्राप्त होती है लेकिन अगर घर अशुभ स्थिति का बना है और हमारे पूर्वज ऋषि मुनियों ने जो मकान बनने का एक तरीका वास्तु के नाम से हमारे सामने रखा है वह सब प्रकार से सुखकारी और मंगलकारी फल प्रदान करने वाला है |  लेकिन अगर हमारा मकान उस पद्धति से नहीं बना है जिसका जिक्र वास्तु शास्त्र में किया गया है तो फिर चाहे वो मकान कितना भी कीमती क्यू न हो और कितना भी कीमती सामान से भरा क्यू न हो वहा रहने वालो को आपस में सुख और शांति नहीं मिलती है |  यही फर्क है मकान के वास्तु के सिधांत का की मकान हमेशा वास्तु के नियमो के आधार पर बनाया जाए तो शुभ फल देता है और अगर मकान वास्तु के सिधांत के विरूद्ध बनाया जाता है तो उस घर में रहने वालो को अशुभ फल की प्राप्ति होती है |

बेडरूम

1- आपका बेडरूम अगर दक्षिण पश्चिम में नहीं है तो आपको अन्य कोण में बनाये गए बेडरूम में वैवाहिक सुख का भरपूर आनंद नहीं मिलेगा और आपका मन भी शारीरिक संबंध बनने में कम लगेगा या बेमन से ऐसा करेगे- इसलिए नव विवाहित का बेडरूम हमेशा दक्षिण पश्चिम कोण में होना चाहिए-

2- बेडरूम में पति पत्नी का बेड यानी बिस्तर इस प्रकार से रखना चाहिए की दोनों का सर हमेशा दक्षिण दिशा में रहे- और पाँव उतर दिशा में रहे- ऐसा करने से मन मस्तिष्क हमेश प्रफुल्लित रहेगा और आपसी सम्बन्ध बनांते समय भरपूर सुख प्राप्त होगा साथ ही दोनों में एनर्जी भी बनी रहेगी-

3- दाम्पत्य सुख की पहली शर्त होती है आपसी प्रेम और विश्वास- इसलिए जब भी पति पत्नी बेडरूम में आये तो बाहरी बातो को और तनावों को कमरे से बाहर ही रखकर आये और आपस में एक दुसरे के पास होने के अहसास को अपनी पूरी शक्ति और श्रद्धा से महसूस करे और ऐसा करने के लिए उतर की तरफ मुख करके अपने बिस्तर पर बैठना चाहिए-

4- वास्तु के अनुसार नवविवाहित जोड़े का बेडरूम एक विशेष सुख प्राप्ति का एकांत और सुरक्षित स्थान माना जाता है- इसके अन्दर रखी हुइ वस्तुए भी जोड़े की मानसिकता को प्रभावित करती है- इसलिए हमेशा नवविवाहितो को अपने कमरे में ज्यादा से ज्यादा लकड़ी का फर्नीचर उपयोग में लाना चाहिए- स्टील या लोहे का या अन्य प्रकार के मेटल से बना फर्नीचर या अन्य सजावटी सामान कम से कम रखना चाहिए- ड्रेसिंग टेबल- बेड- स्टडी टेबल- आदि प्रमुख वस्तुए लकड़ी या कांच से बनी हुई होनी चाहिए- कठोर धातुओ की वस्तुओ से बने सामान को कमरे में ज्यादा स्थान देने से बचना चाहिए-

5- नवविवाहित जोड़ो को अपने बेडरूम में ऐसे हलके रंगों का प्रयोग करना चाहिए जो की देखने में शांति प्रदान करे और शीतल लगे जैसे हल्का गुलाबी- सफ़ेद- हल्का हरा या एकदम से हल्का आसमानी या मोरपंखी रंग का उपयोग करना चाहिए- हलके रंग हमेशा शांति और पोजेटिव एनर्जी देते है इसलिए बेडरूम में गहरे रंगों से बचना चाहिए क्युकी गहरे रंग गुस्सा और विचारों को तेजी से घुमाने वाले होते है और जिद्दी स्वाभाव में विचारो को परिवर्तित करते है-

6- विवाहित जोड़ो को हमेशा एक बिस्तर पर पास पास सोना चाहिए- इसके पीछे कारन यह रहता है की एक दुसरे के शरीर की ओरा का तालमेल अच्छा बैठ जाता है- और परिणाम सवरूप दोनों में आत्मिक प्रेम और विश्वास भी बढ़ता है- अगर ऐसे होता है तो हमेशा दोनों को एक दुसरे की जरुरत और तलब महसूस होती रहेगी और बढती भी रहेगी- दाम्पत्य सुख को बढाने में त्वचा का स्पर्श बहुत महत्व रखता है-

7- बेडरूम में हमेशा हलकी रौशनी का प्रयोग करना चाहिए- तेज रौशनी विचारो को और बातो की निरंतरता को भंग करती है- और जब पति पत्नी आपसे में प्रेम प्यार की बाते करते हो और ऐसे में बार बार ध्यान भंग हो जाए तो मन अशांत हो जाता है और फिर वह बात नहीं रहती है- और अगर आप हलकी रौशनी में रहकर प्रेम प्यार की बात करेगे तो वो मन आत्मा तक पहुच जाती है और प्रेम बढ़ता है वर्ना तेज रौशनी रखने वाले जोड़े अक्सर आपस में लड झगड़कर तलाक तक की नोबत ले आते है-

8- बेडरूम में जहा पति पत्नी का बेड लगाया हुआ है और वहा ठीक उसके ऊपर अगर कोई बीम या भारी वस्तुओ का संग्रह है तो तुरंत ऐसे स्थान से बेड को बदल लेना चाहिए- क्युकी बीम और भरी वस्तुए बिस्तर के ऊपर रहने से वास्तु के अनुसार मानसिकता को प्रभावित करता है और विचारों को भिन्न भिन्न करता है- गुस्से की बढ़ोतरी करता है- मन में अशांति बढती है- इसके अलावा सेहत पर भी प्रभाव पड़ता है- और माना जाता की ज्यादातर किस्सों में बीम के निचे सोने वाले जोड़े विवाहिक सुख का भरपूर आनंद नहीं ले पाते- कई कई बार तो बात तलाक तक भी पहुच जाती है-

9- आजकल फैंसी बेड बनने का रिवाज है और उसमे भी कई बार सिरहाने या पाँव की तरफ के हिस्से में कांच या मुह देखने वाला शीशा लगाया जाता है जो की वास्तु के सिधान्तो के एकदम से विपरीत होता है- सही सिधांत यह है की जहा पति पत्नी सोते है वहा पर खासकर के बेड पर कोई आइना आदि ऐसा नहीं होना चाहिए जिसमे सोते हुए पति पत्नी दीखते हो- इसके अलावा भी आस पास में भी ऐसी जगह दर्पण नहीं होना चाहिए जिसमे साथ में सोये हुए पति पत्नी का अक्स दिखाई देता हो-

10- बेडरूम में दिन में उजाला और रात में हवा आदि आने की उचित व्यवस्था होनी चाहिए- रात को अगर पंखा- कूलर या ऐसी आदि लगाया है और हवा अनुकूल हो और कमरे का मौसम सुहावना हो तो सबसे अच्छा रहता है इससे आपस में निर्विघ्न रूप से पति पत्नी प्रेमालाप कर सकते है और आपसी सम्बन्ध का भी भरपूर सुख पा सकते है- साथ ही बेडरूम में कुछ हलकी हलकी खुशबु जैसे स्प्रे करना या सेंट जैसी खुशबु रहनी चाहिए अगर संभव हो तो सप्ताह में एक आध दिन गुलाब मौगारा आदि के फूलो से भी सजावट कारन चाहिए जिससे खुशबु से रूम भर जाए और मन खुश हो जाए एक नयी स्फूर्ति पैदा हो जाए- 

11- नवदम्पति के कमरे को पारिवारिक और आँखों को शकुन दे ऐसी सजावट और  तस्वीरों से सजाना चाहिए- बेडरूम में एक दम सिरहाने की तरफ या एकदम पावो की तरफ अलमारी या लोहे का कपाट आदि नहीं रखना चाहिए- परिवार के लोगो की या भगवान् की फोटो ऐसे स्थान पर लगाए की सुबह उठते समय दिखाई दे तो मन को प्रसन्नता से भर दे- विशेषकर के अगर पति पत्नी अपनी खुद की प्रसन्नता देने वाली या खुश मूड में हँसते हुए की साथ में फोट लगाए तो ज्यादा अच्छा रहता है ये फोट ही जीवन में खुशिया प्रदान करती है और पुराने सुख के समय को यादो में हमेशा ताजा रखती है-

12- वास्तु के सिधान्तो के अनुसार बेडरूम में इलेक्ट्रोनिक चीजो का कम से कम से स्तेमाल करना चाहिए और अगर कुछ जरुरी वस्तुए लगाना ही हो तो वो भी सोने के बेड से कुछ दूर लगाए-

13- एक और खास बात का ध्यान रखना चाहिए की अगर बेडरूम में लेट बाथ अटेच है तो पहला यह की ठीक सर या पाव के सामने की तरफ उसका दरवाजा नहीं खुलना चाहिए- और दूसरा यह की उसको हमेशा बंद ही रखना चाहिए- अगर आप उसके दरवाजे पर पर्दा लगाकर रखे तो सही रहेगा-

14- बेडरूम में मंदिर या पूजा स्थान नहीं होना चाहिए- ऐसा होने से वास्तु दोष भयंकर उत्पन्न होता है और आपसी रिस्तो में खटास और कडवाहट तो भारती ही है लक्ष्मी का और जीवन के सुखो का नाश भी होता है-

15- जहा तक हो अपने बेडरूम को हमेशा बंद रखे- बाहरी कोई भी व्यक्ति आपके बेडरूम तक नहीं पहुचना चाहिए और खासकर के अन्दर तो बिलकुल भी प्रविष्ट नहीं करना चाहिए-